25 जून 2026, 14:07। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव। मंत्रालय। नि:शक्तजन के लिए ब्रेललिपि पुस्तक: आग, हीटवेब (लू) और आकाशीय बिजली से बचाव। मुद्रण: आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल; सहयोग सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग। शीट: केरल और असम के बाद इस तरह की पहल मध्यप्रदेश। राशि, प्रति संख्या, पृष्ठ नहीं। उपस्थित: मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर। चित्र लोकार्पण का फ्रेम है, ब्रेल पन्ने की पूरी किताब नहीं।
22 जुलाई 2026, 18:55। वन विहार। बाघ सप्ताह: 22 से 28 जुलाई, थीम «मध्यप्रदेश में बाघ»। बुधवार: चित्रकला। कक्षा 9 से 12; लगभग 138 विद्यार्थी। स्कूल चार: चंद्रशेखर आजाद रातीबड़; नाथू बरखेड़ा नीलबड़; नवीन कन्या तुलसीनगर; सरदार वल्लभभाई पटेल सूरज नगर। पुरस्कार: प्रथम, द्वितीय, तृतीय; तीन सांत्वना। 23 जुलाई 10–12 बजे महाविद्यालयीन बाघ रेस्क्यू कार्यशाला—घोषणा, उपस्थिति नहीं। चित्र प्रतियोगिता का फ्रेम है, 138 चित्र नहीं।
कुंदेर परिवार की लकड़ी के खिलौने बनाने की परंपरा से सुपारी पर प्रयोग शुरू हुए। सूखे बीज का चुनाव, महीन तराश और हाथ की फिनिश इस लघु शिल्प को आकार देते हैं।
15 मई 2026, 18:49। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव। रामनगर, मंडला। आदि उत्सव को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधन। पहुँचे अंचल: मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, उमरिया, छिंदवाड़ा। नृत्य: कर्मा, सैला, रीना; बैगा परधोनी। बजट पंक्ति 47,425 करोड़; महल जीर्णोद्धार 1.97 करोड़—विज्ञप्ति के आँकड़े। चित्र वर्चुअल मंच का फ्रेम है, पूरा उत्सव नहीं।
12 सितंबर 2026, 20:22। दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय। पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश। पुस्तक: खाकी वर्दी का योद्धा—स्वर्गीय आईपीएस श्री विजय रमन। उपस्थिति: पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा। शीट के दायित्व: चंबल डकैत अभियान, बस्तर नक्सल, जम्मू-कश्मीर, बीएसएफ, एसपीजी में चार प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा, सीबीआई। चित्र विमोचन का फ्रेम है, अभियान का मैदान नहीं।
7 सितंबर 2026 को विश्व साक्षरता दिवस पर राज्य शिक्षा केंद्र ने बताया, विभिन्न साक्षरता कार्यक्रमों से 1 करोड़ 63 लाख 4 हजार 132 शिक्षार्थी जुड़े, 1 करोड़ 38 लाख 90 हजार 550 सफल। 2011 जनगणना में 1.89 करोड़ असाक्षर चिह्नित; अब लगभग 50.75 लाख। उल्लास 2022-27: 99.68 लाख जुड़े, 84.46 लाख सफल। विदिशा 2,33,642 सफल; झाबुआ 1,96,967 और 100 प्रतिशत उपलब्धि। गणना कार्यक्रम गिनती को 2027 जनगणना की साक्षरता दर नहीं मानती।